ओमेर्टा

ओमेर्टा

2.7 4094 रेटिंग्स

डायरेक्टर : Hansal Mehta

रिलीज़ डेट :

  • मूवी जॉकी रेटिंग्स 2.8/5
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प्लाट

हंसल मेहता द्वारा डायरेक्टेड फिल्म ओमर्टा आतंकवादी अहमद ओमर सईद शेख़ पर आधारित है। फिल्म में राजकुमार राव ने ओमर का किरदार निभाया है। फिल्म कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में पहले ही रिलीज़ हो चुकी है, जिसे देशभर में खूब सराहा जा रहा है। 20 अप्रैल को फिल्म भारत में रिलीज़ हो रही है।

निर्णय

“Despite its fascinating influence, Omerta is too real a pill to swallow”

ओमेर्टा क्रेडिट और कास्ट

Rajkummar Rao

क्रेडिट

कास्ट (कास्ट (क्रेडिट ऑर्डर में))

ओमेर्टा जनता के रिव्यू

एक आतंकवादी की सच्ची कहानी को बताती है राजकुमार राव की फिल्म 'ओमेर्टा' !

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रेटेड 2.0 / 5
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द्वारा Usha Shrivas (31692 डीएम पॉइंट्स) | ऑल यूज़र रिवीव्स

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राजकुमार राव और हंसल मेहता ने साथ में शाहिद और अलीगढ़ जैसी लीग से अलग हटकर फिल्मों में काम कर चुके हैं। अब वो एक बार फिर ये जोड़ी ओमेर्टा जैसी अलग फिल्म लेकर हाज़िर हैं। दुनियाभर में तारीफ बटोरने वाली फिल्म ओमेर्टा टेररिस्ट अहमद ओमर सईद शेख़ पर बेस्ड है। जिनका नाम कई टेररिस्ट एक्टिविस्टी में शामिल है। फिल्म में राजकुमार ने ओमर का किरदार निभाया है।
फिल्म में 1992 से लेकर 2002 तक की ओमर की कहानी दिखाई गई है। जो पैदा तो पाकिस्तान में होता है लेकिन उसकी परवरिश लंदन में हुई होती है। वो अपने मुस्लिम भाई-बहन की मौत का बदला चाहता है, जिसके लिए वो धर्म की आड़ में टेररिस्ट एक्टिविटी को अंजाम देता है। फिर चाहे 1994 में 4 फ़ॉरनर्स की किडनैपिंग हो या अमेरिका में हुई 9/11 की घटना। इन दोनों ही मामलो में ओमर का हाथ है, जिसे फिल्म में दिखाया गया है।
एक मुस्लिम लड़का जो लंदन में पला बढ़ा है, समझदार है। लेकिन धर्म के नाम पर आतंकवादी बनता है। फिल्म में यही किरदार निभाया है राजकुमार ने। वो ब्रिटिश एक्सेंट में इंग्लिश बोलता हैं। चालाक हैं, कट्टर है। जहां तक की राजकुमार की परफॉरमेंस की बात करे तो वो ओमर के किरदार को घोट को पी गये हैं। उठने, बोलने, चलने और आतंक फैलाने के मामले में किसी आतंकवादी से कम नहीं लग रहे। एक्टिंग के हिसाब से ये उनकी अब तक की बेस्ट परफॉरमेंस है।
फिल्म को हंसल मेहता ने डायरेक्ट किया है जो हमेशा ही कहानी और किरदार पर जोर देते हैं। इस फिल्म में भी उनकी वो मेहनत और कड़ी रिसर्च साफ़ दिखाई देती है। हर के सीन पर खास जोर दिया गया है। फिर चाहे ओमर के जेल के दिनों को दिखाना हो या उनकी ट्रेनिंग के दिनों को। हंसल ने हर सीन को बेहतर करने की पूरी कोशिश की है।

फिल्म की ज़्यादातर शूटिंग लंदन और दिल्ली में की गई है। और दोनों ही जगह की लोकेशन को फिल्म में अच्छे से दिखाया गया है। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक ड्रामा और डर क्रिएट करने की कोशिश करता है लेकिन इनसे न हो पाया। फिल्म को इमोशनल मोड़ देने के लिए कुछ रियल इंसिडेंट की तस्वीरें, वीडियो क्लिप्स हैं और बहुत सारे अच्छे सीन्स दिखाए गए हैं लेकिन कमजोर एडिटिंग की वजह से हम इन सीन्स से बिल्कुल भी कनेक्ट नहीं कर पाए। अगर इनका सही इस्तेमाल होता तो शायद फिल्म कुछ और होती। वैसे ये फिल्म नहीं बल्कि डॉक्यूमेंट्री होनी चाहिए थी।
फिल्म की कहानी पहले से समझे बिना अगर थिएटर में जाओगे तो शायद तुम्हारा टाइम बर्बाद होने वाला है। हां। हर सीन में नज़र आने वाले राजकुमार आपको खुश कर देंगे। फिल्म अच्छी है कम से कम एक बार तो देखी जानी चाहिए।

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  • Direction
  • Acting
  • Cinematography
  • Music