DA Image
पैड मैन

पैड मैन

3.4 13210 रेटिंग्स

डायरेक्टर : आर .बाल्की

रिलीज़ डेट :

  • मूवी जॉकी रेटिंग्स 3.4/5
  • रेट करें
  • रिव्यू लिखें

प्लाट

पैडमैन एक हिंदी कॉमेडी ड्रामा फ़िल्म है। इस फ़िल्म में अक्षय कुमार, सोनम कपूर और राधिका आप्टे मुख्य भूमिकाओं में नज़र आयेंगे।यह फिल्म अरुणाचलम मुरुगनाथम की वास्तविक जीवन की कहानी से प्रेरित है, जिन्होंने कम लागत वाले सैनिटरी पैड बनाने की मशीन का आविष्कार किया था। मुरुगनाथम ने एक ऐसी मशीन का निर्माण किया था जो सैनिटरी नैपकिन्स सस्ते दाम में बन...और देखें

निर्णय

“एक फनी, इमोशनल और प्रेरित करने वाली फिल्म जिसे आपको ज़रूर देखना चाहिए!”

पैड मैन क्रेडिट और कास्ट

अक्षय कुमार

क्रेडिट

कास्ट (क्रेडिट ऑर्डर में)

पैड मैन जनता के रिव्यू

हमारे देश की सोच को बदलने की ओर एक नया कदम है फिल्म 'पैड मैन'

|
रेटेड 2.0 / 5
|
द्वारा Pallavi Jaiswal (189468 डीएम पॉइंट्स) | ऑल यूज़र रिवीव्स

रिव्यू लिखें

रिव्यू पैड मैन & डीएम पॉइंट्स*

हमारे देश में यूं तो कई बातें हैं, जिन्हें बदलने की ज़रूरत है। लेकिन मासिक धर्म या पीरियड्स या मेंस्टुरेशन एक ऐसी चीज़ है, जिसके बारे में जागरूकता फ़ैलाने की कोशिशें तो बहुत हुई हैं लेकिन यहां लोग समझाये नहीं समझते। हमारे देश में पीरियड्स को लेकर ज़्यादातर लोगों की सोच लगभग एक ही ऐसी है कि लड़कियों/औरतों को पीरियड्स के समय में रसोईघर से दूर रहना चाहिए, लोगों से दूर रहना चाहिए वगैरा वगैरा। मानो उन्हें पीरियड्स ना हुए हों बल्कि कोई छूत की बीमारी हो। इसी के साथ पीरियड्स को गंदा माना जाना तो आम बात है ही। दुकान में जब आप पैड खरीदने जाते हैं तो दुकानदार का व्यवहार ही इस बात को साफ करने के लिए काफी है कि मासिक धर्म को लेकर हम सभी की सोच कैसी है।

इसी सोच को बदलने का एक प्रयास किया था तमिलनाडू के अरुणाचलम मुरुगनांथम ने, जिनकी कहानी पर बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने अपनी फिल्म 'पैड मैन' बनाई है। जैसा कि आपको पता है फिल्म की कहानी एक साधारण व्यक्ति के अपने घर की महिलाओं को सुरक्षित रखने और उनके जीवन को बीमारी मुक्त बनाने के प्रयास के बारे में है। फिल्म में लक्ष्मीकांत चौहान के किरदार में अक्षय ने मुख्य भूमिका निभाई है और उनकी पत्नी गायत्री के रूप में एक्ट्रेस राधिका आप्टे हैं। लक्ष्मी यानि अक्षय अपने घर में चार औरतों के बीच अकेला मर्द है, जिसकी नयी शादी हुई है और जो हर महीने अपनी पत्नी और बहनों को पीरियड्स के समय पांच दिन घर से बाहर बिताते देखता है। अपनी पत्नी से बेहद प्यार करने वाला लक्ष्मी अपनी पत्नी को गंदा कपड़ा इस्तेमाल करते नहीं देख सकता और इसी से परेशान होकर वो उसके लिए पैड खरीदता है। लेकिन पैड का दाम ज़्यादा होने की वजह से उसकी पत्नी वो पैड नहीं लेती और तब कारीगर लक्ष्मी अपनी पत्नी के लिए खुद पैड बनाने का फैसला करता है। अपनी पत्नी को सहूलियत देने की कोशिश में नाकाम होने वाले लक्ष्मी को और ज़्यादा कोशिश करने और बेहतर पैड बनाकर दिखाने का जूनून चढ़ जाता है, जिसके चलते उसे अपना गांव और परिवार छोड़ना पड़ता है। लेकिन कभी हार ना मानने वाला लक्ष्मी कैसे अपनी कोशिशों में कामयाब होता है यही फिल्म में दिखाया गया है।

फिल्म में लक्ष्मीकान्त चौहान बने अक्षय कुमार, गायत्री के रोल में राधिका आप्टे और परी के रोल में सोनम कपूर ने बढ़िया काम किया है। जहां अक्षय की चिंता आपको भी परेशान करती है वहीं राधिका के आंसू आपको भावनाओं में बहा ले जाते हैं। सोनम का काम अपनी जगह बढ़िया है। अक्षय और राधिका की जोड़ी हमें पहली बार देखने को मिली है और इन दोनों की केमिस्ट्री बहुत अच्छी है। फिल्म का फर्स्ट हाफ ठीक है। उसे आप पूरी तरह स्लो नहीं बोल सकते लेकिन उसमें बहुत कुछ ख़ास देखने को नहीं मिलता। हालांकि आप इससे बोर तो बिल्कुल भी नहीं होते। वहीं फिल्म का दूसरा हाफ आपको सीट से उछाल देने वाला है। लक्ष्मी के किरदार में अक्षय की मेहनत आप साफ़ देख सकते हैं। इसी के साथ इस फिल्म का डायरेक्शन भी अच्छा किया गया है।

(आगे पैराग्राफ में स्पोइलर है आप चाहे तो उसे छोड़ दूसरा पैराग्राफ पढ़ सकते हैं)

डायरेक्टर आर बाल्की ने फिल्म को काफी अच्छे से प्रस्तुत किया है। लेकिन फिर भी इस फिल्म में कई सीन ऐसे हैं, जिन्हें देखकर आप सोचते हैं कि यार ये क्या हो रहा है? या ऐसा कौन करता है? या फिर ये ना होता तो अच्छा था। फिल्म के शुरू होने से पहले ही डिस्क्लेमर में बता दिया गया था कि फिल्म की कहानी अरुणाचलम के जीवन पर आधारित है लेकिन इसमें कुछ किरदार काल्पनिक भी हैं। (अभी आपको स्पोइलर मिलने वाला है) ऐसे में मुझे लगता है कि अगर वो काल्पनिक बातें ना हुई होतीं और सिर्फ मेन कहानी पर फोकस किया जाता तो शायद अच्छा होता। क्योंकि सोनम कपूर का आना फिल्म की कहानी को आगे ले जाने का महत्वपूर्ण तरीका था लेकिन उनके और अक्षय के बीच रोमांटिक एंगल को फिल्म में दिखाया जाना मुझे काफी हद तक ठीक नहीं लगा। सोनम का उन्हें पसंद कर फिर भी जायज़ है लेकिन एक इंसान जो अपनी बीवी के लिए इतना सबकुछ कर रहा है उसका सोनम के लिए फीलिंग्स होना और अपनी पत्नी को लगभग भूल सा जाना जायज़ नहीं लगता। इसकी वजह से आपको फिल्म का अंत बहुत अच्छा नहीं भी लग सकता है।

फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो 'आज से तेरी' और 'द पैड मैन सॉन्ग' आपको पसंद आएगा। इसके अलावा फिल्म का कोई गाना आपके मन में जगह नहीं बनाता और ना ही आपके साथ रहता है। मेन लीड के अलावा बाकि सभी सपोर्टिंग कास्ट का काम अच्छा है। फिल्म की सिनेमेटोग्राफी भी अच्छी है। अंत में आपको ये फिल्म देखकर चाहे जैसा भी लगे लेकिन महिलाओं के पीरियड्स के दिनों की दिक्कतों के बारे में कुछ ज्ञान तो ज़रूर मिलेगा।

Poster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanPoster - PadmanCoverPoster - Padman