राज़ी

राज़ी

3.2 22886 रेटिंग्स

डायरेक्टर : Meghna Gulzar

रिलीज़ डेट :

  • मूवी जॉकी रेटिंग्स 3.1/5
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प्लाट

ये एक 1971 के भारत-पाकिस्तान के संघर्ष पर बनी थ्रिलर फिल्म है। आलिया भट्ट इस फिल्म में सहमत का किरदार निभा रही हैं, जो भारत की रहने वाली है और उसकी शादी पाकिस्तान के एक ऑफिसर (विक्की कौशल) से करवाई गयी है! सहमत एक बेटी और बीवी होने के साथ-साथ एक भारतीय स्पाई भी है, जो अपने वतन को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाती है! लेकिन वतन के प्रत...more

निर्णय

“देशभक्ति की भावना और स्पाई थ्रिलर का ज़बरदस्त थ्रिल भरा है इस फिल्म में, मिस किया तो पछतायेंगे !”

राज़ी क्रेडिट और कास्ट

आलिया भट्ट

क्रेडिट

कास्ट (कास्ट (क्रेडिट ऑर्डर में))

राज़ी जनता के रिव्यू

आलिया भट्ट की बढ़िया परफॉरमेंस आपके अन्दर के देशभक्त का सीना चौड़ा कर देगी !

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रेटेड 4.0 / 5
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द्वारा Pallavi Jaiswal (43623 डीएम पॉइंट्स) | ऑल यूज़र रिवीव्स

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हमारे देश को बचाने और बेहतर बनाने में कई महान लोगों का हाथ है। इतिहास में ऐसे कई महान प्रतिनिधि रहे हैं, जिन्होंने हमारे भारत को हमारे लिए जीने लायक बनाया है। आज अगर मैं आपसे पूछूं कि आप किस फ्रीडम फाइटर के फैन हैं या किसने आपकी ज़िन्दगी को प्रेरित किया है, तो आप झट से गाँधी या शहीद भगत सिंह या फिर किसी और शहीद या महान इंसान का नाम ले देंगे। लेकिन इस देश को हमारे लिए बचाये रखने में सिर्फ उन चंद लोगों का ही हाथ नहीं है, जिनके नाम हम जानते हैं। बल्कि कुछ ऐसे भी हैं, जिनका जिक्र किसी ज़ुबान, किसी किताब में नहीं है।

हमारे वतन की सुरक्षा की लड़ाई का नेतृत्व तो कई लोगों ने किया लेकिन उससे भी कई ज़्यादा लोग इस लड़ाई में शहीद हुए। कुछ के नाम और चेहरे हम जानते हैं और कुछ के बारे में हमें कोई खबर नहीं है। मगर देश की इस तकलीफ को भूलकर हम इतना आगे निकल आए कि हम जिन्हें नहीं जानते उनके शुक्रगुज़ार नहीं है और जिन्हें जानते हैं शायद उनके भी नहीं। हर ज़िन्दगी की अपनी कीमत होती है कोई उसे चैन से जीने के इंतज़ार में गवां देता है तो कोई वतन के नाम कर देता है।

ऐसी ही एक लड़की की कहानी है आलिया भट्ट की फिल्म 'राज़ी'। एक लड़की, जिसका नाम सहमत है और जो कश्मीर में रहती है, ने अपना सारा जीवन देश के नाम कर दिया। हरिंदर सिक्का की किताब 'कॉलिंग सहमत' से प्रेरित फिल्म 'राज़ी' सहमत की ज़िन्दगी की उस कहानी के बारे में बात करती है, जो सभी का जानना ज़रूरी है। सहमत ने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा है, जिसमें से एक था अपने देश से प्यार करना और उसके लिए अगर जान भी देनी पड़े तो पीछे ना हटना। इसलिए जब उसके पिता ने उसकी पढ़ाई छुड़वाकर उसे अपने पाकितानी अफसर दोस्त के बेटे के साथ ब्याहने और उसे भारतीय स्पाई बनाने का फैसला किया तो सहमत ने अपने वतन के आगे किसी और के बारे में नहीं सोचा।

इस फिल्म में 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच हो रहे संघर्ष के समय को दिखाया गया है। जब पाकिस्तान, भारत को नुक्सान पहुंचाने के अलग-अलग उपाए ढूंढ रहा था। लेकिन कश्मीर से पाकिस्तान में ब्याही सहमत ने अपनी कड़ी मेहनत और बहादुरी से भारत को एक बड़ी मुश्किल से बाहर निकलने में मदद की और इसकी बड़ी कीमत भी उसे चुकानी पड़ी।

फिल्म में एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने सहमत का रोल निभाया है और फिल्म 'मसान' से पहचान बनाने वाले एक्टर विक्की कौशल इस फिल्म में उनके पति और पाकिस्तानी अफसर इकबाल सईद के रोल में हैं। इसके अलावा एक्टर राजित कपूर ने आलिया के पिता हिदायत, सोनी राजदान ने आलिया की माँ तेजी, जयदीप अहलावत ने खालिद मीर, शिशिर शर्मा ने विक्की के पिता ब्रिगेडियर सईद का रोल निभाया है। अभिनय की बात की जाए तो फिल्म में सभी कमाल के एक्टर्स को लिया गया था। बहुत कम ही ऐसा होता है कि एक फिल्म में काम करने वाले तमाम स्टार्स की परफॉरमेंस एक से बढ़कर एक हो, जिनका तालमेल ज़बरदस्त हो और जिनके काम में कमी निकलाना मुश्किल हो।

आलिया भट्ट ने अपने बढ़िया अभिनय से सहमत के किरदार में जान डाल दी। उनका कश्मीर डायलेक्ट में बात करना, चुप-चुप रहना लेकिन सब पर कड़ी नज़र रखना और बेख़ौफ़ होकर देश के लिए कुछ भी कर जाना, सबकुछ काबिल-ए-तारीफ था। ये आलिया की एक और स्ट्रोंग परफॉरमेंस है। वहीं विक्की ने भी अपने समझदार अफसर और एक अच्छे पति के किरदार को बखूबी निभाया है। इसके अलावा राजित कपूर, जयदीप अहलावत और शिशिर शर्मा ने हमेशा की तरह अपने अच्छे काम से हमारा दिल खुश कर दिया। उन्हें देखकर लगता ही नहीं कि वे एक्टिंग कर रहे हैं। काफी समय बाद किसी फिल्म में इतनी बढ़िया परफॉरमेंस देखने को मिली।

डायरेक्शन की बात करें तो मेघना गुलज़ार की दाद देनी पड़ेगी। आखिर उन्होंने एक और बार साबित कर दिया कि जिस बात के लिए वे जानी जाती हैं, उसमें वे सही में एक्सपर्ट हैं। शुरू से लेकर अंत तक ये फिल्म आपको अपने साथ बांधे रखती है और इस फिल्म में इतनी असलियत है कि आप चंद मिनटों में ही आप इसे देख कम और जी ज़्यादा रहे होते हैं। फिल्म का एक-एक सीन, एक-एक फ्रेम बढ़िया है और मेघना ने बहुत सूझबूझ, आदर और प्यार के साथ इस फिल्म को बनाया है, ये बात साफ़ झलकती है। फिल्म आपको थ्रिल भी देती है और देशभक्ति में डूबाकर आपको रुलाती भी है। सहमत की समझदारी और बहादुरी पर आपको गर्व होगा लेकिन उसके दर्द में आपके आंसू भी निकलेंगे।

फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बढ़िया है और इसकी एडिटिंग क्रिस्प है, जो आपको बिल्कुल भी बोर नहीं होने देगी। फिल्म का म्यूजिक अच्छा है। अरिजीत सिंह और सुनिधि चौहान का गाया गाना 'ए वतन' जहां थिएटर से बाहर आने के बाद भी आपके साथ रहता है वहीं दिलबरो आपको भावुक करेगा। हालांकि फिल्म के टाइटल ट्रैक में कुछ ख़ास दम नहीं है।

एक लड़की जिसकी शादी सिर्फ अपने वतन की रक्षा के लिए की गयी। जिसने अपने देश के लिये जान का जोख़िम भी उठाया और ज़रूरत पड़ने पर जाने भी लीं। उसने अपने फ़र्ज़ को अदा करते हुए सबकुछ खो दिया, खुद को भी। लेकिन जो ज़िन्दगी आज हमारे पास है वो उसकी और उसके जैसे कई और गुमनाम देशभक्तों की देन है। क्योंकि हीरो पैदा नहीं होते, बनते हैं और हर हीरो का नाम और चेहरा आपको पता हो ये ज़रूरी तो नहीं।

अंत में बस ये कहना है कि आप एक सच्चे देशभक्त हैं या नहीं, इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर अपनी ज़िन्दगी की ज़री सी भी कद्र है तो फिल्म 'राज़ी' एक बार ज़रूर देख लीजिये। ज़िन्दगी की कीमत भी समझ जायेंगे और देश के लिए प्यार भी उमड़ पड़ेगा।

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  • Direction
  • Acting
  • Cinematography
  • Music