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सिमरन

सिमरन

3.0 6870 रेटिंग्स

डायरेक्टर : हंसल मेहता

रिलीज़ डेट :

  • मूवी जॉकी रेटिंग्स 2.2/5
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प्लाट

हंसल मेहता द्वारा निर्देशित सिमरन कंगना रनौत की एक और फिल्म है, जिसमें वे सिंगल लीड हैं। यह फिल्म एक जवान औरत के बारे में है, जो उसकी इच्छाओं को प्राप्त करने के लिए अपनी महत्वाकांक्षा का पीछा करने के बजाय अपराध की दुनिया में शामिल हो जाती है। अमेरिका में सेट, इस फिल्म में एक मजेदार कहानी है जो कंगना को उसके व्यक्तित्व के उस हिस्से के बारे ...और देखें

निर्णय

“फिल्म अच्छी नहीं है पर फिल्म में कंगना जरूर अच्छी लग रही है। ”

सिमरन क्रेडिट और कास्ट

कंगना रनौत

क्रेडिट

कास्ट (क्रेडिट ऑर्डर में)

सिमरन जनता के रिव्यू

फिल्म ‘क्वीन’ जैसा जादू नहीं चला पाई कंगना की ‘सिमरन’ !

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रेटेड 2.0 / 5
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द्वारा Usha Shrivas (222402 डीएम पॉइंट्स) | ऑल यूज़र रिवीव्स

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रिव्यू सिमरन & डीएम पॉइंट्स*

बॉलीवुड का वक़्त अच्छा नहीं चल रहा है इसलिए तो बड़ी से बड़ी फिल्में कोई खास कमाल नहीं कर पा रही है। अब ऐसे ही बुरे वक़्त में कंगना रानौत की फिल्म 'सिमरन' भी रिलीज़ हो गई है। फिल्म को 'अलीगढ़' और 'शाहिद' जैसी अवार्ड विनिंग फिल्मों को डायरेक्ट कर चुके डायरेक्टर हंसल मेहता ने डायरेक्ट की है।

फिल्म की कहानी की बात की जाये ये एक 30 साल की गुजरती तलाकशुदा लड़की प्रफुलपटेल की कहानी है, जो अमेरिका के बड़े होटल में हाउसकीपिंग का काम करती है। प्रफूल अपने पेरेंट्स के साथ रहती है लेकिन वो अपना खुद का घर चाहती है जिसके लिए उसे बहुत से पैसो की जरूरत होती है। वो जुआ खेलना शुरू करती है जिसमें वो अपना पैसा हार जाती है और अपने उधार को चुकाने के लिए वो बैंकों में चोरी करना शुरू कर देती है।

फिल्म की पूरी कहानी कंगना और उनकी पहले की फिल्मों को देख कर लिखी गई है। कहानी बहुत ज़्यादा धीमी रफ़्तार से आगे बढती है और फिल्म में एक ही सीन को बार बार दोहराया जाता है। जो बोर कर देता है। फिल्म का पहला भाग तो इतना बोरिंग कि आप फिल्म को छोड़ कर अपने मोबाइल में बिजी रहना ज़्यादा पसंद करोगे। लेकिन फिल्म का सबसे इंटरेस्टिंग पार्ट है कि फिल्म में आखिर 'सिमरन' कौन है और उसे ये नाम कैसे मिला।

फिल्म के ट्रेलर को देख कर ही अंदाज़ा लग गया था कि इस फिल्म में भी कंगना कुछ नया नहीं करने वाली हैं। वो उसी अंदाज़ में नज़र आ रही हैं जैसी वो 'क्वीन' और 'तनु वेड्स मनु' में थी। कुछ सीन देख कर तो आपको लगेगा ही नहीं कि आप 'क्वीन' देख रहे हैं या 'सिमरन'।फिल्म में कंगना गुजराती बोलती दिख रही हैं, जो आपको खुश क्र देगा। उनपर गुजराती एक्सेंट अच्छा लग रहा है। कंगना ने अपने रोल को अच्छे से निभाया है लेकिन ज़्यादा सिम्पल करने के चक्कर में डायरेक्टर हंसल मेहता बहुत सी गलतियाँ कर गये हैं।

वैसे हंसल मेहता ने 'शाहिद' और 'अलीगढ़' जैसी अच्छी फिल्में भी बनाई हैं और उनकी पिछली फिल्मों से 'सिमरन' को जोड़ कर देखना शायद गलत होगा। 'सिमरन' एक अलग तरह की फिल्म है, यूँ कहे की कंगना टाइप फिल्म है। जिसमें सिर्फ कंगना की एक्टिंग पर फोकस किया गया है। वैसे फिल्म के सपोर्टिंग किरदार और लोकेशन आप को खुश कर देगी। फिल्म का एंड इंटरेस्टिंग और मज़ेदार है। अपने मनोरंजन और क्वीन कंगना का दूसरा अंदाज़ देखने के लिए कम से कम एक बार तो ये फिल्म देख लेनी चाहिए।

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