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ऑल यूज़र रिवीव्स ऑफ़ अय्यारी

  • आर्मी के अन्दर होने वाले घोटालों को उजागर करती है फिल्म !

    Usha Shrivas (825102 डीएम पॉइंट्स)

    रेटेड  
    2.0
    देसीमार्टीनी | अपडेट - February 16, 2018 15:59 PM IST
    2.7डीएम (3842 रेटिंग्स )

    निर्णय - कमजोर डायरेक्शन और फ्लॉप कहानी है फिल्म 'अय्यारी' !

    अय्यारीट्रेलर देखें रिलीज़ डेट : February 16, 2018



    नीरज पांडे की फिल्मों की जब भी बात होती है, तो आपके दिमाग में 'अ वेडनेसडे' 'बेबी' जैसी एक्शन थ्रिलर फिल्में घूमने लगती है। ऐसी ही कुछ उम्मीद हमने उनकी फिल्म 'अय्यारी' से लगाई थी, जो आज ही रिलीज़ हुई है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और मनोज बाजपाई स्टारर ये फिल्म नीरज पांडे द्वारा डायरेक्टेड उनकी बाकी फिल्मों की तुलना में बहुत कमज़ोर निकली। फिल्म की न तो कहानी अच्छी है और न ही डायरेक्शन में उतना दमदार है। हां, मनोज बाजपाई और कुछ सीन्स में दिखे नसीरुद्दीन शाह ने जरुर हमें इम्प्रेस किया।

    फिल्म की कहानी 2 आर्मी ऑफिसर मेजर जय बख्शी (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और अभय सिंह (मनोज बाजपाई) के इर्द गिर्द घूमती है। दोनों ही देश की सेवा में जुटे होते है कि अचानक जय बख्शी भ्रष्ट ऑफिसर्स के साथ मिलकर उनके लिए काम करने लग जाता है। इससे आर्मी की बदनामी न हो तो अभय सिंह अपने शिष्य यानी जय के पीछे पड़ जाते हैं। ये कहानी दिल्ली से लंदन और फिर दिल्ली में घूमती रहती है। लेकिन समझ में नहीं आती। फिल्म का पहला भाग सबसे बोरिंग है।

    आर्मी ऑफिसर्स, पॉलिटिशियन, देश वाले दुश्मन और फिर विदेश वाले दुश्मन सब को बारी-बारी दिखाया जाता है। लेकिन किसी का भी किरदार कहानी को आपस में जोड़ नहीं पाता। वो बस एक्स्ट्रा लगता है। एक ही फिल्म में जब बहुत कुछ एक साथ डालने की कोशिश की जाती है तो फिल्म पूरी ख़राब हो जाती है। ऐसा ही कुछ इस फिल्म के साथ हुआ।

    अगर डायरेक्शन की बात करे तो वो फिल्म की कहानी के बाद दूसरी सबसे कमज़ोर कड़ी यही है। नीरज पांडे ने इससे पहले कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। लेकिन इस फिल्म के बाद हमें बस निराशा ही हाथ लगी है। न ही फिल्म में कोई धमाकेदार एक्शन सीन है और न सस्पेंस। हां, उन्होंने इस बात का जरुर ख्याल रखा कि जहां सिद्धार्थ बिना हेलमेट के बाइक चलाते दिख रहे तो वहां वो डिस्क्लेमर देना नहीं भूले।

    वैसे तो मनोज बाजपाई और सिद्धार्थ मल्होत्रा ही लीड रोल में हैं लेकिन रकुल प्रीत, नसीरूदीन शाह, अनुपम खेर, कुमुद मिश्रा जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा है। सिद्धार्थ के रोल की बात करे तो हमें कुछ नया नज़र नहीं आया। उनका इसी तरह का किरदार हम पहले 'अ जेंटलमैन' में देख चुके हैं। हां, लेकिन मनोज बाजपाई हमेशा की तरह आपको अपनी दमदार एक्टिंग और कुछ बेहतरीन डायलॉग से खुश जरुर कर जायेंगे। रकुल का फिल्म में क्या काम था समझ नहीं आया। अनुपम खेर और नसीरूद्धीन जितने देर के लिए स्क्रीन पर दिखे अच्छे लगे।

    फिल्म की अच्छी बात यही लगी कि बहुत कम फिल्मों में आर्मी के अन्दर होने वाली धांधली को बड़े परदे पर दिखाने की कोशिश की गई है। ये उनमें से एक है। ये बात और है कि फिल्म उतना कमाल नहीं कर पाई। वैसे इस वीकेंड फ्री हैं तो एक बार तो ये फिल्म देखी जा सकती है।

    • Storyline
    • Direction
    • Acting
    • Cinematography
    • Music

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  • Usha Shrivas

    Usha Shrivas

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    रेटेड 2.0फ़रवरी 16, 2018

    आर्मी के अन्दर होने वाले घोटालों को उजागर करती है फिल्म !

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