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ऑल यूज़र रिवीव्स ऑफ़ सत्यमेव जयते

  • अच्छे एक्शन और घटिया डायलॉग्स को मिलाकर बनी है ये ओवरड्रामेटिक फिल्म

    Pallavi Jaiswal (190368 डीएम पॉइंट्स)

    रेटेड  
    1.0
    देसीमार्टीनी | अपडेट - August 15, 2018 11:13 AM IST
    3.5डीएम (12046 रेटिंग्स )

    निर्णय - अगर आप वीकेंड पर या इस पूरे हफ्ते फ्री हैं, तो भी ये फिल्म मत देखना बहुत रोओगे।

    सत्यमेव जयतेरिलीज़ डेट : August 14, 2018



    बॉलीवुड फ़िल्मों के बड़े फैन हैं तो आपने अपनी ज़िन्दगी में बहुत सी ऐसी फ़िल्में देखी होंगी, जिन्हें सिर्फ जनता का दिमाग खराब करने के लिए बनाया जाता है। इन फ़िल्मों की कहानी में कोई दम नहीं होता, एक्टर्स से एक्टिंग ठीक से नहीं हो रही होती और फिल्म का शोर सुनकर आपका सिर फटने की कगार पर आ जाता है। ऐसी ही कुछ है जॉन अब्राहम की नयी फिल्म 'सत्यमेव जयते' !

    इस फिल्म की कहानी 80 के दशक में आने वाली हर फ़िल्मों जैसी है। एक ईमानदार पुलिसवाला, जिसे भ्रष्टाचार के नाम पर फंसाया जाता है और इस शर्म और बदनामी से बचने के लिए वो अपनी जान ले लेता है और उसके दो बेटे अपने पिता को आग में जलकर मरते देखते हैं। इनमें से एक बड़ा होकर ईमानदार पुलिसवाला बनने की शपथ लेता है ताकि वो अपने नाम पर लगे दाग को मिटा सके तो वहीं दूसरा बड़ा होकर एक किलर बनता है और भ्रष्ट पुलिसवालों को जलाकर मारता है। जहां एक भाई अपने दूसरे भाई की हरकतों से अनजान है और किलर को ढूंढ रहा है वहीं दूसरा उसे बार-बार चकमा देता जा रहा है। जब इनका आमना सामना होगा तो क्या होगा? चौंकने की कोई बात ही नहीं है क्योंकि हम सभी को पता है कि क्या होगा !

    'सत्यमेव जयते' एक ऐसी फिल्म जिसे देखकर आपको 80 की फ़िल्में जैसे दीवार और अग्निपथ की याद आ जाएगी। फिल्म में मुश्किल से सिर्फ एक ही सरप्राइज एलिमेंट है, इसके अलावा फिल्म को देखते-देखते आप खुद ही समझ जायेंगे कि आगे क्या होने वाला है। डायरेक्टर मिलाप जावेरी ने इस फिल्म में कुछ ख़ास नहीं डाला है। उसके ऊपर से फिल्म के डायलॉग्स आपको अपना सिर दीवार में मारने के लिए मजबूर कर देंगे। डायलॉग सुनकर लगता है कि किसी बहुत ही परेशान इन्सान ने इन्हें लिखा होगा, जिसकी ज़िन्दगी में शब्दों का कोई मतलब नहीं बचा।

    एक्टिंग की बात करें तो जॉन लगभग हमेशा की तरह बॉडी बनाकर हॉट नज़र आ रहे हैं। वो अपने डायलॉग बोलते हैं, लेकिन उनमें कोई फीलिंग्स नहीं है। इसके साथ ही वो चिल्ला बहुत रहे हैं। एक्ट्रेस आयेशा शर्मा की ये डेब्यू फिल्म थी और उनका रोल बहुत ख़ास नहीं है तो समझा जाइये। मनोज बाजपायी को हम सभी एक बढ़िया एक्टर के रूप में जानते हैं और इसीलिए उन्होंने ये फिल्म क्यों की मुझे अभी भी समझ नहीं आ रहा है। चिल्लाने के मामले में मनोज भी कम नहीं थे और उनकी एक्टिंग के बारे में बात नहीं करते हैं। फिल्म में बहुत ओवरड्रामा और शोर है।

    फिल्म की इकलौती चीज़ जो अच्छी है वो है इसका एक्शन। फिल्म का एक्शन ज़बरदस्त है और यही कुछ हद तक आपको अपने साथ जोड़ता है। इसके अलावा कैमरा वर्क ठीक है। फिल्म का म्यूजिक अच्छा है और नोरा फतेही का आइटम नंबर देखकर आपका दिल खुश हो जायेगा। इसके अलावा फिल्म में कुछ नहीं है, जिसे आपको देखने की ज़रूरत हो।

    तो अगर आप वीकेंड पर या इस पूरे हफ्ते फ्री हैं, तो भी ये फिल्म मत देखना बहुत रोओगे।

    • Storyline
    • Direction
    • Acting
    • Cinematography
    • Music

और ऑडियंस रिव्यूज़

  • Prakash Mehar

    Prakash Mehar

    1 रिव्यू
    रेटेड 0.5अगस्त 18, 2018

    सत्यमेव जयते रिव्यू

    रिव्यू SO BORING MOVIE BS UTHA K BAITH GAYE PURAANI FILMO KI STORY KO LEKER......... TIME WAISTE MOVIE... TIME TO WAISTE HOGA HI MONEY B W...और पढ़ें

  • Pallavi Jaiswal

    Pallavi Jaiswal

    45 रिव्यू , 5 फ़ॉलोअर्स
    रेटेड 1.0अगस्त 15, 2018

    अच्छे एक्शन और घटिया डायलॉग्स को मिलाकर बनी है ये ओवरड्रामेटिक फिल्म

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