अक्षय कुमार की 'गोल्ड' बन्दूक नहीं हॉकी से लड़ी गई लड़ाई के बारे में है, जो आपका दिल खुश कर देगी !

मूवी: गोल्ड

रेटेड : 3.5/5.0

कास्ट : अक्षय कुमार , Kunal Kapoor, Mouni Roy

डायरेक्टर : Reema Kagti

अक्षय कुमार इन दिनों अलग अलग जगह अपनी फिल्म ‘गोल्ड’ का प्रमोशन करते दिखाई दे रहे हैं। और लगता है वो काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं। आज यानी 15 अगस्त के मौके पर रिलीज़ हुई फिल्म ‘गोल्ड’ को बड़ी संख्या में लोग देखने पहुँच रहे हैं। रीमा कागती के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म राष्ट्रिय खेल हॉकी पर आधारित एक ऐसी जंग की है जिसमें लड़ाई बंदूक से नहीं बल्कि हॉकी से लड़ी गई थी।

फिल्म की कहानी                                                                

फिल्म की कहानी 1936 से लेकर 1948 के बीच की है। जहां भारत द्वारा ओलंपिक खेलों में जीते गए सबसे पहले गोल्ड मेडल जीतने की कहानी दिखाई गई है। फिल्म में तपन दास के किरदार में नज़र आये अक्षय कुमार एक ऐसे बंगाली बाबू बने हैं जिसके लिए उसका देश और हॉकी सबसे पहले आता है। 1936 में जब भारत ब्रिटिश इंडिया के अन्दर गोल्ड जीतता है तब तपन शपथ हॉकी चैंपियन लेता है कि वो आजाद भारत को गोल्ड दिलाकर रहेगा। इसके लिए वो टीम बनाता है, पत्नी के गहने बेच कर खिलाडियों की जरुरतों का बंदोबस्त करता है। वहीं कुनाल कपूर और विनीत कुमार सिंह दो चैंपियन की भूमिका है। 1946 तक आते वक़्त और टीम दोनों बदल जाती है। और देश भारत-पाकिस्तान में बंट जाता है। नई टीम तैयार होती है और नए चैंपियन फिर आते हैं। जिसमें हज़ार मुश्किलों के बाद वो टीम लंदन टीम ब्रिटिश जमीं पर उन्हें धूल चखाती है।

अक्षय कुमार की 'गोल्ड' बन्दूक नहीं हॉकी से लड़ी गई लड़ाई के बारे में है, जो आपका दिल खुश कर देगी !

फिल्म की कहानी सिर्फ इतनी भर नहीं है, इस कहानी में 1936 के बाद भारत की तस्वीर को दिखाया है जहाँ कभी मुस्लिम और हिन्दू खिलाडी साथ-साथ खेल खेला करते थे। यहाँ तक की विभाजन के बाद भी दोनों मुल्कों के बीच दोस्ती और प्यार बना रहा।

परफॉरमेंस

ये फिल्म सिर्फ अक्षय की है कहना शायद गलत होगा। तपन एक ऐसा बंगाली है जो ख़राब बंगाली बोल कर भी दिल खुश कर देता है। उसके मन में अपने खेल और देशप्रेम साफ़ देखा जा सकता है। इसके आलावा फिल्म में नज़र आये लगभग सभी कलाकारों ने जबरदस्त काम किया है। फिल्म में नज़र आये कुनाल कपूर, विनीत कुमार सिंह, विकी कौशल के भाई सनी कौशल और आमित साध सभी ने अपने किरदारों में जान डाल दी। 1936 का वो हॉकी चैंपियन सम्राट (कुनाल कपूर) जिसे देख नई पीढ़ी हॉकी खेलना सीख रहे थी। वो इम्तियाज (विनीत सिंह) जो भारत-पाक दोस्ती की मिसाल था। अमित साध और सनी कौशल वो नई पीढी जो नंगे पांव खेला खेल कर गोल्ड लाये। हाँ, बस मौनी रॉय उतने दमदार किरदार में नहीं नज़र आई। और न ही उनकी और अक्षय की जोड़ी में वो दम दिखा।

अक्षय कुमार की 'गोल्ड' बन्दूक नहीं हॉकी से लड़ी गई लड़ाई के बारे में है, जो आपका दिल खुश कर देगी !

डायरेक्शन

अगर डायरेक्शन की बात की जाये तो तो कुछ बोरिंग सीन्स को छोड़ कर रीमा कागती ने अच्छा काम किया है। एडिटिंग अच्छी है। 1936 से 1946 तक के समय को कम समय में लेकिन मजेदार तरीके से दिखाया है। हाँ, फिल्म की शुरुआत धीमी है। कुछ सीन्स बोर करते थे। लेकिन अंत तक आते-आते डायरेक्टर रीमा फिल्म के प्रति लोगो को और एक्साइटेड कर देती हैं।

फिल्म का म्यूजिक उतना खास नहीं है। लेकिन उसके बाद भी हॉकी खेलने के दौरान बैकग्राउंड म्यूजिक आपका दिल खुश कर देगा।

अक्षय कुमार की 'गोल्ड' बन्दूक नहीं हॉकी से लड़ी गई लड़ाई के बारे में है, जो आपका दिल खुश कर देगी !

15 अगस्त के मौके पर रिलीज़ हुई ये फिल्म मनोरंजन के साथ साथ हॉकी खेल का ज्ञान देगा। फिल्म में कलाकारों की शानदार एक्टिंग आपका दिल छू लेगी खासकर आखिरी के कुछ सीन्स देख आप अपने देश प्रेम को छुपा नहीं पाएंगे। इस फिल्म को अपने परिवार, दोस्तों के साथ जरुर देखा जाना चाहिए। हम इस फिल्म को 3.5 स्टार दे रहे हैं। 

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