लव हॉस्टल रिव्यू: आज के विलेन पर भारी पड़ेगा बॉबी देओल का किरदार, फीकी है कहानी

    लव हॉस्टल रिव्यू: आज के विलेन पर भारी पड़ेगा बॉबी देओल का किरदार, फीकी है कहानी

    2.5

    लव हॉस्टल

    बॉबी देओल के खूंखारपने और सान्या-विक्रांत की हरियाणवी बोली को खूब पसंद तो आएगी, लेकिन शायद ये फिल्म आप हजम नहीं कर पाएंगे। लव जिहाद, धर्म, खाप, जाति जैसे मुद्दे आपने पहले भी फिल्मों में देखे होंगे। बस, इस फिल्म में इसी कहानी को अलग तरह से पेश किया गया है।

    Director :
    • शंकर रमण
    Cast :
    • सान्या मल्होत्रा,
    • विक्रांत मैसी,
    • बॉबी देओल
    Genre :
    • एक्शन, सस्पेंस, थ्रिलर और ड्रामा
    Language :
    • हिंदी
    Platform :
    • ज़ी 5
    लव हॉस्टल रिव्यू: आज के विलेन पर भारी पड़ेगा बॉबी देओल का किरदार, फीकी है कहानी
    Updated : February 25, 2022 12:01 PM IST

    सान्या मल्होत्रा और विक्रांत मैसी अच्छे एक्टर्स हैं। पिछली फिल्मों इनकी परफॉरमेंस से इन्होंने अपनी ऑडियंस को हैरान कर दिया था। अब ये जोड़ी पहली बार फिल्म ‘लव हॉस्टल’ में नज़र आई है। हाल में लव हॉस्टल का ट्रेलर रिलीज़ किया गया था। इस ट्रेलर को देखने के बाद लगा था कि सान्या, विक्रांत और विलेन बने बॉबी देओल अभी तक के अपने सबसे दमदार रोल में हैं। ट्रेलर में बॉबी देओल के खूंखारपने और सान्या-विक्रांत की हरियाणवी बोली को खूब पसंद तो आएगी, लेकिन शायद ये फिल्म आप हजम नहीं कर पाएंगे। लव जिहाद, धर्म, खाप, जाति जैसे मुद्दे आपने पहले भी फिल्मों में देखे होंगे। बस, इस फिल्म में इसी कहानी को अलग तरह से पेश किया गया है।

    फिल्म की कहानी हरियाणा के ऐसे जोड़े पर बेस्ड है जो परिवार से भाग कर शादी करते हैं। कोर्ट से रहने के लिए जगह मांगते हैं जिसे लव हॉस्टल का नाम दिया गया है। क्योंकि ये हिंदू मुस्लिम की शादी है तो इसमें पारिवारिक ड्रामा भी खूब है। एक विधायक दादी है जो मुस्लिम लड़के के साथ भागी हुई पौती को मारना चाहती है। एक डाबर उर्फ़ बॉबी देओल है जो ऐसे भागे हुए जोड़ो को मार कर समाज कल्याण का काम करता है। एक पुलिस ऑफिसर है जो नेक है। इसी फिल्म में गे लव स्टोरी है। बीफ मुद्दा भी है। मतलब एक फिल्म में इतना कुछ है कि ये सब आप झेल नहीं पाते। और सिर्फ इस उम्मीद में फिल्म देखते हो कि अब कुछ ऐसा होगा जो कहानी को पलट देगा। लेकिन अफ़सोस ऐसा कुछ हुआ नहीं।

    कहानी में इतने मुद्दे की जगह किसी एक या दो विषयों पर ही बात की जाती तो अच्छा होता। एक्टर की परफॉरमेंस अच्छी है। लेकिन कहानी के पीछे भागते हुए वो भी आपको कुछ फीके लगेंगे। कितना अच्छा होता कि भागी हुई सान्या मल्होत्रा बंदूक लेकर बॉबी देओल के सामने खड़ी हो जाती। लेकिन पूरी फिल्म में ये सब भागते ही रहे। इस फिल्म को बस टाइम पास करनेऔर अच्छी परफॉरमेंस के लिए देखा जा सकता है। बॉबी देओल की परफॉरमेंस हैरान करने वाली है। इस फिल्म के बाद वो आपको खूंखार विलेन ही लगेंगे, हीरो नहीं।

    इस फिल्म का डायरेक्शन शंकर रमण ने किया है। कहानी को लेखा है है महक जमाल और स्क्रीनप्ले है योगी सिंघा का है। ये फिल्म और मज़ेदार हो सकती थी। कुछ गैर जरूरती मुद्दों को फिल्म से हटाया जा सकता है। लीड किरदारों को थोडा और दमखम के साथ दिखाया जाता तो मज़ा दुगुना होता। आज ये फिल्म जी 5 पर रिलीज़ हो गई है। मेरी तरफ से फिल्म को 2 स्टार्स मिलने थे। लेकिन एक्टर्स की परफॉरमेंस को देखते हुए 2।5 स्टार्स।