‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ रिव्यू: टॉम हॉलैंड की ज़ोरदार परफॉरमेंस पर टिकी सॉलिड MCU फिल्म, जिसके लिए आप बिल्कुल तैयार नहीं हैं!

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ रिव्यू: टॉम हॉलैंड की ज़ोरदार परफॉरमेंस पर टिकी सॉलिड MCU फिल्म, जिसके लिए आप बिल्कुल तैयार नहीं हैं!

    4.0

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’

    इंग्लिश (2021)

    कास्ट: टॉम हॉलैंड, बेनेडिक्ट कंबरबैच, ज़ेन्डाया, जैकब बैटलॉन

    'स्पीाडर-मैन फ़ार फ्रॉम होम' में मिस्टीरियो ने मरते-मरते पीटर पार्कर स्पाइडर-मैन की असली पहचान लोगों के सामने खोल दी थी। पहचान खुलने से पीटर के लिए नई दिक्कतें पैदा होनी शुरू हो गई हैं और वो इन्हें जल्द से जल्द ख़त्म कर देना चाहता है, जिसके लिए वो डॉक्टर स्ट्रेंज से मदद लेता है। मगर मदद का मलीदा हो जाता है और समस्या के इलाज की बजाय आ जाते हैं नए बवंडर! क्या इनके लिए तैयार है पीटर??? 

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ रिव्यू: टॉम हॉलैंड की ज़ोरदार परफॉरमेंस पर टिकी सॉलिड MCU फिल्म, जिसके लिए आप बिल्कुल तैयार नहीं हैं!
    Updated : December 16, 2021 01:39 PM IST

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ को लेकर जितना भौकाल था और जो भयंकर हाइप थी उसे देखकर कहीं न कहीं मन में डर लग रहा था कि अभी तक फैन्स के फेवरेट रहे टॉम हॉलैंड की नई कहानी में कुछ ऐसा-वैसा न हो। लेकिन ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर है। और कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने इस फिल्म की स्टोरी पर कितनी फैन-थ्योरीज़ पढ़ी हैं, कितने खुलासेदार वीडियो देखे हैं और कितने ईस्टर-एग्स वाले आर्टिकल पढ़े हैं... मगर ये तय है कि स्क्रीन पर आप जो कुछ देखने वाले हैं उसके लिए आप बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं!

    ‘कैप्टन अमेरिका: सिविल वॉर’ में बतौर स्पाइडर-मैन टॉम हॉलैंड की एंट्री से लेकर जॉन वाट्स की पिछली दो स्पाइडर-मैन फिल्म्स तक, हॉलैंड के बारे में लोगों की ये एक शिकायत रही है कि उनका स्पाइडर-मैन अपनी हमेशा MCU के टॉप सुपरहीरोज़ की छांव में रहता है। और अकेले उसकी ग्लोरी उतनी शानदार नहीं है जितनी सैम रेमी के स्पाइडर-मैन (टोबी मैग्वायर) या मार्क वेब के अमेजिंग स्पाइडर-मैन (एंड्रू गारफील्ड) की थी। 

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ के ट्रेलर से ही ये साफ़ था कि इस बार भी ये शिकायत दूर नहीं होने वाली क्योंकि इस बार डॉक्टर स्ट्रेंज (बेनेडिक्ट कंबरबैच) का कहानी में बहुत महत्वपूर्ण रोल है।

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ का प्लॉट वहीं से शुरू होता है जहां ‘स्पाइडर-मैन फ़ार फ्रॉम होम’ ख़त्म हुई थी। मिस्टीरियो (जेक जिलनहॉल) ने निपटते-निपटते स्पाइडर-मैन की असली पहचान खोल दी थी और पूरी दुनिया को पता चल गया था कि पीटर-पार्कर ही स्पाइडर-मैन है। अब पीटर पर मिस्टीरियो की ह्त्या का भी आरोप है। 

    पीटर की गर्लफ्रेंड एमजे (ज़ेन्डाया), उसका दोस्त नेड (जैकब बैटलॉन), आंट मे (मरीसा टोमेई) और हैप्पी होगन (जॉन फेवरो) उसके साथ हैं और एक ‘रियली गुड’ लॉयर से मदद ले रहे हैं। लेकिन पीटर की पहचान खुल जाने से जो दिक्कतें होनी शुरू हुई हैं वो ख़त्म नहीं हो रहीं। तो अब पीटर डॉक्टर स्ट्रेंज की हेल्प लेता है और मैजिक यूज़ करके दुनिया से ये बात गायब कर देना चाहता है कि वो ही स्पाइडरमैन है।

    स्ट्रेंज इसके लिए एक स्पेल तैयार करता है मगर पीटर के बचपने के चक्कर में स्पेल ख़राब हो जाता है। नतीजा ये होता है कि इस यूनिवर्स के अलावा दूसरे यूनिवर्स से भी स्पाइडर-मैन के पुराने दुश्मन निकल आते हैं- डॉक्टर ओटो ऑक्टोपस (अल्फ्रेड मोलीना), ग्रीन गोबलिन (विलियम डफ़ो), इलेक्ट्रो (जेमी फॉक्स) सैंड-मैन (थॉमस हेडेन चर्च) और लिज़र्ड (रेज़ इफांस) सब सामने खड़े हो जाते हैं। अब आगे जो होता है वो MCU के बेस्ट सिनेमेटिक मोमेंट्स में से एक है।

    टॉम हॉलैंड को लेकर न्यूज़ थी कि इस फिल्म के बाद वो एक स्पाइडर-मैन ट्राइलॉजी में काम करने जा रहे हैं। ये न्यूज़ अभी तक कन्फर्म नहीं है , लेकिन अगर ऐसा होता है तो अब हमें फाइनली टॉम का कैरेक्टर उस पॉइंट पर मिल गया है जहां से वो बिना किसी सुपरहीरो हेल्प के अकेले सब हैंडल कर सकता है। नए स्पाइडर-मैन का हाईस्कूल ड्रामा यहां खत्म होता है और अब वो मैच्योर हो चुका है।

    ‘स्पाइडर-मैन नो वे होम’ की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसके बेहतरीन एक्शन सेट्स, ग्रैंड क्लाइमेक्स, शानदार म्यूजिक, अमेजिंग कॉलबैक्स या फिर सुपर-एंगेजिंग क्लाइमेक्स में ही नहीं है। बल्कि आपकी तालियां-सीटियां निकलवाते स्क्रीन मैजिक के बीच जो खूबसूरत मोमेंट्स हैं, वो इस फिल्म की जान हैं। 

    सुपरहीरो फिल्म के सबसे ह्यूमन मोमेंट्स में टॉम हॉलैंड की परफॉरमेंस में वो जान दिखती है जो फैन्स के इस नए फेवरेट स्पाइडर-मैन का वजन पूरी दमखम से उठाने को तैयार है। हालांकि मुझे फिल्म की स्टोरी में एक छोटी सी दिक्कत लगी: स्पाइडर-मैन की आइडेंटिटी खुल जाने से पीटर की लाइफ में जो दिक्कतें आती हैं वो एक्चुअली इतनी भयानक लगती नहीं कि उसके लिए रियलिटी का फैब्रिक छेड़ा-मरोड़ा जाए। अपने आइडल आयरनमैन से पीटर को ये एक बात तो सीख ही लेनी चाहिए थी।

    मगर फिल्म की कहानी, जॉन वाट्स का डायरेक्शन, डायलॉग, अमेजिंग स्क्रीन मोमेंट्स और इस कैरेक्टर से 20 साल से जुड़ा ढेर सारा नॉस्टैल्जिया, इस छोटी सी कमी पर भारी है। और कोई हैरानी नहीं होगी अगर थिएटर से इमोशनल होकर निकले लोग इसे ‘बेस्ट स्पाइडर-मैन’ फिल्म बताएं।

    स्पेशल नोट: फिल्म में 2 पोस्ट क्रेडिट सीन्स हैं, तो जबतक सबकुछ बंद न हो जाए बैठे रहिएगा!