'रेड नोटिस' रिव्यू: नेटफ्लिक्स की सबसे महंगी फ़िल्म सस्ती 'धूम 4' है और कुछ नहीं !

    'रेड नोटिस' रिव्यू: नेटफ्लिक्स की सबसे महंगी फ़िल्म सस्ती 'धूम 4' है और कुछ नहीं !

    2.0
    'रेड नोटिस' रिव्यू: नेटफ्लिक्स की सबसे महंगी फ़िल्म सस्ती 'धूम 4' है
    'रेड नोटिस' रिव्यू: नेटफ्लिक्स की सबसे महंगी फ़िल्म सस्ती 'धूम 4' है और कुछ नहीं !
    Updated : November 13, 2021 06:59 AM IST

    रेयान रेनॉल्ड्स डेडपूल में इतने धांसू क्यों लगते हैं? इसपर एक थ्योरी है मेरे पास… इतने भयानक-सीरियस और सुपर-पावर वाले धरती बचाने वाले हीरोज के बीच में ये एक ह्यूमन है, बावला आदमी है जो कुछ भी बकर काटता रहेगा, लेकिन आपको ये पता है कि ये मरेगा नहीं। लेकिन जहां भी रेनॉल्ड्स के ऐसे बकैत कैरेक्टर के मरने का चांस है शायद लोग सेकंड ऑप्शन ज़्यादा प्रेफर करेंगे। एग्जामपल- '6 अंडरग्राउंड', 'फ्री गाय' और अब 'रेड नोटिस' को भी इसी में डाल लीजिए!

    फाइनली मुझे पता चल गया है कि 'धूम 4' अभी तक क्यों नहीं आई। क्योंकि इसकी स्क्रिप्ट नेटफ्लिक्स वालों ने चुरा ली है और उसपर 'रेड नोटिस' बना डाली है! लेकिन हमारे पास अब भी चांस है, हम "इंस्पायर्ड" बोल के सेम स्क्रिप्ट चला सकते हैं! वैसे 'रेड नोटिस' देखते हुए 'धूम 2' का किले में तलवार की चोरी वाला सीक्वेंस याद आ रहा था, जहां से ऐश्वर्या की एंट्री हुई थी।

    'रेड नोटिस' की कहानी में पहला थीफ़ है नोलन बूथ, यानी बिना मास्क का डेडपूल, रेयान रेनॉल्ड्स। सेकंड थीफ़ हैं द बिशप यानी गल गडोट, अगर ये सच में धूम 4 होती, तो वो पक्का 'क्रेज़ी किया रे' या 'कमली-कमली' जैसे गाने पर डांस करने लगतीं। दोनों के बीच में दुनिया के कुछ 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर अर्टिफैक्ट्स' चुराने की रेस है। और दोनों के बीच है एक 'वर्दी वाला गुंडा' ड्वेन जॉनसन! इससे ज़्यादा न कुछ आपके जानने लायक है, न मेरे बताने लायक। इन तीनों के बीच मनोहर कहानियां के चीप थ्रिल वाले प्लॉट ट्विस्ट्स हैं और ऐसे-ऐसे खराब वीएफएक्स वाले सीन हैं, जिन्हें देखकर 'जानी दुश्मन' याद आ सकती है।

    'रेड नोटिस' 2 घण्टे का टेस्ट है कि आप कितना सह सकते हैं। कहीं पढ़ा कि नेटफ्लिक्स का ये सबसे महंगा प्रोजेक्ट है। होगा भई, बता तो 'ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान' को भी बहुत महंगा रहे थे। परफॉर्मेंस की उम्मीद तो ऐसी फिल्मों में एक्टर्स से वैसे भी नहीं रहती। हालांकि, फिर भी तीनों एक्टर्स ने बिल्कुल वही दिखने के लिए पूरा एफर्ट लगाया है जिसकी उम्मीद डायरेक्टर को इनसे थी। मतलब- ड्वेन ने बैल दिखने में, गडोट ने शो पीस दिखने में और रेनॉल्ड्स ने बकैत दिखने में।

    'रेड नोटिस' के रिव्यू में सिनेमेटोग्राफी, कलर्स और बैकग्राउंड स्कोर की बातें करूं, इत्ता बावला मैं अभी नहीं हुआ हूँ। डायरेक्शन की बोलूं तो मुझे लगा नहीं कि डायरेक्टर का नाम लेने की कोई गुंजाइश बचती है। अब अगर मैं कहूंगा कि मुझे उम्मीद थी कि 'रेड नोटिस' ऐसी ही होगी, तो आप कहेंगे कि जब इत्तना रोता है तो देखता क्यों है ऐसी फिल्म! जवाब ये है कि मुझे इस काम की सैलरी मिलती है। आपको फ़िल्म क्यों देखनी है क्यों नहीं, आप अपने हिसाब से ठीक-ठीक लगा लो।


    Updated: November 13, 2021 06:59 AM IST
    About Author
    कंटेंट का बुखार हो या बॉक्स-ऑफिस की रफ़्तार... हमारे यहां फिल्मों की धार तसल्लीबख्श चेक की जाती है। शुक्रवार को मिलें, सिने-मा कसम.. देख लूंगा!