Lock Upp: स्वामी चक्रपाणी हुए बाहर तो कंगना बोलीं, ‘सीमा पर जवान ठंड में खड़े हैं और आपने गाय के दूध के लिए शो छोड़ दिया?’

    Lock Upp: स्वामी चक्रपाणी हुए बाहर तो कंगना बोलीं, ‘सीमा पर जवान ठंड में खड़े हैं और आपने गाय के दूध के लिए शो छोड़ दिया?’

    कंगना रनौत ने अपने शो ‘लॉक अप’ से बाहर होने वाले पहले कंटेस्टेंट स्वामी चक्रपाणि की जाते-जाते क्लास ले ली...

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    रविवार को कंगना रनौत के शो ‘लॉक अप’ पर पहला एविक्शन हुआ और स्वामी चक्रपाणि को बाहर का दरवाज़ा देखना पड़ा। लेकिन जाते-जाते कंगना रनौत ने उनके रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्हें जमकर लताड़ा। 

    रविवार के एपिसोड में चक्रपाणि, सिद्धार्थ शर्मा और अंजलि अरोड़ा शो के निचले 3 कंटेस्टेंट थे। कंगना ने इन सभी को ‘बेनकाब रूम’ में जाने को कहा और एक सीक्रेट वर्ड देखकर वापिस आने को कहा। अंजलि को सीक्रेट वर्ड में ‘रशियन’ मिला और चक्रपाणि को ‘राधे’; वहीँ सिद्धार्थ को ‘स्पोर्ट्स एन्हांसमेंट’ मिला जिसे देखते ही वो रोने लगे। 

    चक्रपाणि ने उन्हें बहार आने में मदद की और बाद में कंगना ने उनकी मदद के लिए फिर करणवीर बोहरा को भेजा। कंगना ने सभी को बताया किजो भी सबसे पहले बज़र दबाएगा उसे बाहर जाने से बचने का एक मौक़ा मिलेगा मगर इसके लिए उसे अपना एक राज़ शेयर करना होगा। मौक़ा मिलते ही अंजलि ने बज़र दबाया और अपना सीक्रेट शेयर करते हुए उन्होने बताया कि वो एक बार 17 दिन के शूट के लिए रशिया गई थीं। 

    इसके लिए उन्होंने किसी से पैसे लिए थे और बदले में उस व्यक्ति के साथ प्रति के लिए गई थीं। इसके बाद कंगना ने कहा कि चक्रपाणि ने बज़र दबाने का एफर्ट भी नहीं किया और उनसे उनका सीक्रेट पूछ लिया। चक्रपाणि ने कहा कि उनका ऐसा कोई सीक्रेट नहीं है और वो अब शो पर नहीं रहना चाहते। कंगना ने उन्हें कहा कि ये तय वो खुद करेंगी। 

    कंगना ने कहा कि उन्होंने अपना नाम चार्जशीट पर लिखकर एक गलत उदाहरण सेट किया है उर अब सिद्धार्ट भी उनके प्रभाव में आ गए हैं कहीं अगले हफ्ते वों चले जाएं। इसपर चक्रपाणि ने कहा कि उन्हें कोई शिकायत या पछतावा नहीं है और वो किसी को इम्प्रेस नहीं करना चाहते, टास्क जीतकर नहीं दिखाना चाहते। 

    इसपर कंगना ने चक्रपाणि पर बरसते हुए कहा, ‘हमारे जवान इतने कम तापमान में खड़े हैं, देश के लिए लड़ने के लिए और आपने हार मान ली क्योंकि आपको गाय का दूध नहीं मिला? आप घर में एक शॉक में चले गए और मुश्किल हालात से नहीं लड़ पाए। आप हार गए, आपका आध्यात्म नहीं काम आया। आपने ये छोटे से अत्याचार के सामने घुटने टेक दिए। आप बाहर जाकर सहने की क्षमता बढ़ाइए।’