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काला

काला

2.9 42009 रेटिंग्स

डायरेक्टर : पा रंजीत

रिलीज़ डेट : | लंबाई : 156 मिनट

  • मूवी जॉकी रेटिंग्स 2.2/5
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प्लाट

तिरुनेलवेली से मुंबई आया एक आदमी 'काला', मुंबई की धारावी स्लम में आ कर वहां का गॉडफादर बन जाता है और वहां के लोगों के हितों की रक्षा करना अपना धर्म बना लेता है !

निर्णय

“ फिल्म एंटरटेंन नहीं करती है पर फिल्म का मैसेज काफी अच्छा है। ”

काला क्रेडिट और कास्ट

Rajinikanth

क्रेडिट

कास्ट (क्रेडिट ऑर्डर में)

काला जनता के रिव्यू

'काला' रिव्यू: रजनीकांत इस फिल्म में सुपरपॉवर नहीं, आम इंसान हैं !

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रेटेड 2.0 / 5
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द्वारा Subodh Mishra (254660 डीएम पॉइंट्स) | ऑल यूज़र रिवीव्स

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रिव्यू काला & डीएम पॉइंट्स*

रजनीकांत कोई आम इंसान नहीं हैं, वो एक्टर भी नहीं हैं... रजनीकांत अपने-आप में एक फिनोमिना हैं। उनका उठना-बैठना, चलना-टहलना, सब कुछ अपने आप में एक ट्रेंड हैं। और रजनीकांत अपनी नई फिल्म ‘काला करिकालन’ लेकर दर्शकों के सामने हाज़िर हैं। रजनीकांत की फिल्मों का ये फंडा है कि उनकी हर फिल्म में कुछ नए बदलाव की बात की जाती है या फिर सामान के लिए कुछ मेसेज देने की बात की जाती है। ‘काला’ ऐसे ही एक बदलाव की या कह लीजिए एक संघर्ष की कहानी है।
‘काला’ की कहानी मुंबई की मशहूर स्लम धारावी पर आधारित है। और जैसा की गरीब बस्तियों पर बनी अधिकतर फिल्मों में होता है, एक बिल्डर इस स्लम को तोड़कर बड़ी-बड़ी इमारतें बनाना चाहता है और इसके बदले वहां रह रहे लोगों को फ्लैट्स बना कर देने का वादा कर रहा है। लेकिन लेनिन और उसकी दोस्त तूफानी ने लोगों को समझाया है कि कैसे उनकी ज़मीनें उनसे छीनकर बदले में जो कुछ भी दिया जाएगा, उससे उनका सम्मान तो बिल्कुल भी नहीं बचेगा। लेनिन और तूफानी के साथ धारावी के लोग बिल्डर का विरोध कर रहे हैं लेकिन बिल्डर दबंग है और उसके सर पर पॉलिटिशियन हरिदेव अभयंकर(नाना पाटेकर) का हाथ है। बिल्डर के आदमियों, पुलिस और कॉलोनी के लोगों के बीच मामला हाथापाई तक पहुंच जाता है और तब मदद के लिए बुलाया जाता है काला को। काला यानी रजनीकांत। काला धारावी के लोगों का लीडर है और लोगों के हितों की रक्षा करना उसका काम है। काला और उसके बेटे धारावी के लोगों के लिए गॉडफ़ादर की तरह हैं, लेनिन भी काला का ही बेटा है मगर उसका रास्ता अहिंसा और विरोध प्रदर्शन वाला है। काला के आने से बिल्डर को भागना पड़ता है, लेकिन पॉलिटिशियन हरिदेव किसी भी तरफ धारावी को मिटा देना चाहता है और अपने इस इरादे को वो एक सरकारी योजना का हिस्सा बना देता है जिसका मकसद शहर को साफ सुथरा बनाना है। उसके इस सपने का सबसे बड़ा दुश्मन है काला। यही फिल्म की कहानी है।
फिल्म की कहानी में शादीशुदा नाना पाटेकर की जवानी के प्यार का ज़िक्र भी है। और उनके पहले प्यार का किरदार निभाया है हुमा कुरैशी ने। कहानी के पीछे भी एक कहानी है, जिससे हमें ये पता चलता है कि हरिदेव और काला की दुश्मनी बहुत पुरानी है, मतलब खानदानी दुश्मनी टाइप। क्या हरिदेव के इरादे पूरे हो जाएंगे? क्या धारावी की जगह बिल्डिंग्स बन जाएंगी? क्या हरिदेव अपनी ताकत का इस्तेमाल कर के काला और धारावी पर जीत पा लेगा? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
एक्टिंग के हिसाब से फिल्म को अच्छा कहा जा सकता है। रजनीकांत की एक्टिंग के बारे में सब जानते हैं कि वो बहुत अच्छे ‘रजनीकांत’ बनते हैं। ‘काला’ में विलेन का रोल निभा रहे नाना पाटेकर ने हर बार की तरह बहुत बेहतरीन परफॉरमेंस दी है और रजनीकांत को उन्होंने पूरी टक्कर दी है। सपोर्ट कास्ट में ‘न्यूटन’ फेम अंजलि पाटिल की परफॉरमेंस बहुत शानदार है।
धारावी को आधार बनाकर बहुत सारी फ़िल्में बन चुकी हैं, लेकिन ‘काला’ में जिस तरह से धारावी की रोजाना की जिंदगी को दिखाया गया है उसके लिए फिल्म के सिनेमेटोग्राफर की तारीफ़ की जानी चाहिए।
‘काला’ के डायरेक्टर पा रंजीत ने फिल्म को अच्छा संभाला है लेकिन कई जगहों पर फिल्म बहुत खिंची हुई सी लगती है। रजनीकांत को डायरेक्ट करने में सबसे बड़ी मुश्किल खुद रजनीकांत का स्टारडम है। इसलिए रजनीकान्त के फैन्स को राज़ी रखने के लिए रंजीत ने अच्छी मेहनत की है।
कुल मिलाकर देखें तो फिल्म इंटरेस्टिंग तो है, लेकिन बीच-बीच में गैरज़रूरी लम्बाई फिल्म को बोरिंग बनाती है।

  • Storyline
  • Direction
  • Acting
  • Cinematography
  • Music
Kaala First Look posterKaala posterKaala still shotKaala set picturesRajanikanth on the set of KaalaKaala still shotKaala First Look posterKaala First Look poster