ब्रह्मास्त्र रिव्यू: रणबीर कपूर के किरदार पर भारी पड़ा वानरास्त्र, दमदार परफॉरमेंस, आलिया संग बोरिंग रोमांस

    ब्रह्मास्त्र रिव्यू: रणबीर कपूर के किरदार पर भारी पड़ा वानरास्त्र, दमदार परफॉरमेंस, आलिया संग बोरिंग रोमांस

    3.5

    ब्रह्मास्त्र

    शिवा को अग्निअस्त्र प्राप्त है जिससे वो ब्रह्मास्त्र का रहस्य सुलझाने और खुद की पहचान के लिए निकल जाता है!

    Director :
    • अयान मुखर्जी
    Cast :
    • रणबीर कपूर,
    • आलिया भट्ट,
    • शाहरुख़ खान,
    • अमिताभ बच्चन,
    • नागार्जुन,
    • मौनी रॉय,
    • डिंपल कपाड़िया,
    • सौरव गुर्जर
    Genre :
    • फैंटसी, ड्रामा, एक्शन, फिक्शन, मेथेलॉजिकल, एडवेंचर
    Language :
    • हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, इंग्लिश
    Platform :
    • थिएटर
    ब्रह्मास्त्र रिव्यू: रणबीर कपूर के किरदार पर भारी पड़ा वानरास्त्र, दमदार परफॉरमेंस, आलिया संग बोरिंग रोमांस
    Updated : September 09, 2022 02:09 PM IST

    रणबीर कपूर और आलिया भट्ट स्टारर फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ को लेकर करीब 5 सालों से चर्चा में बनी हुई थी। खूब सारे विवादों, कई बार रिलीज़ डेट बदलने के बाद आज ये फिल्म थिएटर तक पहुंच गई है। फिल्म ने ऐसे समय पर दस्तक दी है जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री एक बुरे दौर से गुजर रही है। चारों तरफ हिंदी सिनेमा, एक्टर्स को बायकॉट करने की मांग के बीच फिल्म कमाल कर गई है। शायद यही कॉंफिडेंट था कि इतने ट्रोल होने के बाद एक्टर्स, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर्स ने विवादों पर चुप्पी साधी हुई थी। क्योंकि ट्रोल को बायकॉट करने वालों को फिल्म ने जवाब दिया है। शाहरुख़ खान का किरदार सबको खा जाने वाला है।

    फिल्म की कहानी की बात करें तो ट्रेलर में अपने अग्निअस्त्र शिवा के किरदार में रणबीर को देखा होगा। शिवा का अग्नि से इतना गहरा रिश्ता है जैसे ब्रह्मास्त्र को सभी अस्त्रों से। शिवा अपनी शक्तियों को पहचानता है, ईशा के किरदार से उसकी मुलाकात होती है। गुरु जी, नंदी अस्त्र और वानरास्त्र के किरदारों की फिल्म में क्या भूमिका है यही दिखाया गया है। अब मैं आगे की कहानी बता कर आपका थिएटर में जा कर फिल्म देखने का मज़ा किरकिरा नहीं करना चाहती। कहानी इतनी ही लेकिन परफॉरमेंस जबरदस्त है।

    फिल्म की शुरुआत साइंटिस्ट के किरदार में वानरास्त्र से होती है और आप पहले ही सीन के साथ इतना जुड़ जाते हो कि सीट से हिल भी नहीं सकते। वानरास्त्र इस फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज है। शायद इसलिए ट्रेलर में इस किरदार को छुपाये रखा। जूनून बनी मौनी रॉय से जब वानरास्त्र का टकराव होता है तो ये फिल्म का सबसे खूबसूरत सीन है। इस सीन को देखने के लिए मैं बार बार ये फिल्म देखने को तैयार हूं।

    नंदी अस्त्र का इंट्रोडक्शन ट्रेलर में दिया जा चुका है। नंदी के किरदार में नागार्जुन को देखना आंखो को सुकून देता है। ब्रह्मास्त्र की रक्षा के लिए जन्में इस नंदी अस्त्र की रक्षा के लिए शिवा आगे आता है। 100 नंदियों की शक्ति वाले इस नंदी अस्त्र को जब आप ट्रक से टकराते देखते हैं तो आंखे खुली रह जाती है। गुरु जी अमिताभ बच्चन अपना एक आश्रम चलाते हैं। यहां कुछ ऐसी शक्तियों का वास है जिन्हें आंखों से देखे जाने में मज़ा आता है। अमिताभ जब इस उम्र में हाथ में चाकू लेकर एक्शन करते हैं टी ये सीन आपको सीट से चिपके रहने में मदद करते हैं। गिनती के तीन सीन्स में डिंपल कपाड़िया भी नज़र आई हैं।

    अब थोड़ी कमियों पर भी बात करते हैं। इस फिल्म की सबसे बड़ी कमी है शिवा और ईशा की अजीब सी लव स्टोरी। दोनों मिलते है, अनाथ आश्रम के गरीब बच्चों की एंट्री हो जाती है। फिर रणबीर का किरदार शिवा आपको फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के अनिल कपूर की याद दिलाता है। गरीब, अनाथ बच्चों को पालने वाले इस शिवा से ईशा को प्यार हो जाता है। मतलब ये आप हजम नहीं कर पाएंगे। ये कहानी शिवा की शक्तियों और ब्रह्मास्त्र की जंग के बीच की हो सकती थी लेकिन डायरेक्टर और राइटर अयान मुखर्जी ने हर सीन में लव स्टोरी जोड़ कर अच्छा नहीं किया। उपर से इनके बीच के डायलॉग ऑडियंस को बोर करते हैं। जैसे ‘ईशा लाइट तुम हो’। ये सुनकर आपको हंसी जरुर आई होगी।

    अयान ने इस फिल्म पर पिछले करीब 6 सालों तक काम किया है। उनकी मेहनत इस फिल्म में नज़र आती हैं। ब्रह्मास्त्र के रहस्य को सुलझाने की जंग में जिस तरह के VFX का इस्तेमाल हुआ है, जिस भी तरह के विसुअल्स हैं वो शानदार हैं। कहानी को दूसरे और तीसरे हिस्से तक पहुंचाने के लिए भी शिवा की माँ और माँ की जन्म दिया जा चुका है। अब दूसरे पार्ट में ये जानना मज़ेदार होगा कि कौन थी शिवा की माँ जिसे जल अस्त्र प्राप्त था। पिता जिसने ब्रह्मास्त्र को तबाह करना चाहा। ये कहानी एक सुखद अंत के साथ तो खत्म हई साथ ही नई कहानी को भी जन्म दे गई। अब इसके दूसरे पार्ट का इंतजार हो रहा है।

    अयान मुखर्जी का डायरेक्शन कमाल है। एक्टर्स ने शानदार एक्टिंग की है। इनकी परफॉरमेंस में कमी निकालना मुश्किल है। लेकिन एक दूसरे से बेहतर बताना आसान। परफॉरमेंस में सबसे ऊपर वानरास्त्र का किरदार निभाने वाले एक्टर को थिएटर में जाकर देखा दिल खुश करता है। नंदी अस्त्र शानदार है, गुरु अमिताभ बच्चन का एक्शन कमाल। लेकिन इन सबके बीच वैम्प बनी मौनी रॉय को इग्नोर करना सबसे मुश्किल। वो छा गई हैं। ये फिल्म थिएटर पर जा कर देखने का अपना एक मज़ा है। इसलिए डिजिटल पर आने का इंतजार न करें। मेरी तरफ से फिल्म को 5 में से 3।5 स्टार्स।

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